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NEET पास करने के बाद भी 11 लाख बच्चे नहीं बन पाएंगे MBBS डॉक्टर! जानिए क्यों?

Posted on June 19, 2025 By Arun Kumar No Comments on NEET पास करने के बाद भी 11 लाख बच्चे नहीं बन पाएंगे MBBS डॉक्टर! जानिए क्यों?

Total MBBS Seats in India Govt Private college: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (NEET UG) परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित किए गए हैं। इस परीक्षा में सफलता पाने और अपने मनचाहे मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई करने का सपना लिए ज्यादातर स्टूडेंट्स, तो छोटी क्लास से ही तैयारी में जुट जाते हैं।

एमबीबीएस बनने की चाहत लिए 20 लाख से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं ने इस साल के नेशनल लेवल मेडिकल एंट्रेस एग्जाम में हिस्सा लिया था। इनमें से करीब 12.36 को परीक्षा मिली, लेकिन फिर भी ये सभी नीट एस्पिरेंट्स अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि जितने स्टूडेंट्स हर साल परीक्षा में शामिल होते हैं, भारत में उसकी आधा संख्या में भी एमबीबीएस की सीटें अवेलेबल नहीं है। ऐसे में क्या नीट पास करके भी योग्य स्टूडेंट्स देश में एबीबीएस की पढ़ाई नहीं कर पाएंगे?

ये डेटा सब कुछ करता है बयां

इस साल नीट यूजी 2025 परीक्षा में 22.09 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे, जिनमें से 12,36531 क्वालिफाई हुए हैं। अब 12 लाख से ज्यादा योग्य छात्रों पर देश में केवल 1.18 लाख एमबीबीएस की सीटें उपलब्ध हैं। ज्यादा सीटें अवेलेबल न होने के कारण लगभग 12 लाख योग्य उम्मीदवार नीट पास करके भी एमबीबीएस की सीट पाने से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में या तो उन्हें विदेश में जाकर पढ़ने का विकल्प चुनना होगा या फिर वैकल्पिक चिकित्सा या संबद्ध स्वास्थ्य करियर विकल्प में से कोई एक चुनना होगा।

देश में एमबीबीएस कोर्स में कितनी सीटें रिजर्व हैं?

ऐसे में एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना लिए इनमें से ज्यादातर स्टूडेंट्स को विदेशों का रुख करना होगा। वहीं, कुछ स्टूडेंट्स जो बाहर जाना अफोर्ड नहीं कर सकते, वे अपना समय और पैसा लगाकर फिर से तैयारी में जुटे जाएंगे, ताकि एमबीबीएस में दाखिला पाने के लिए अच्छी रैंक ला सके। भारत में सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में कुल कितनी सीटें हैं? चलिए जानते हैं.

नीट से 2 लाख से ज्यादा सीटों पर मिलेगा दाखिला

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के 2025-26 के लिए अपडेट किए गए स्नातक (UG) सीट मैट्रिक्स के अनुसार, भारत में सरकारी और निजी दोनों मिलाकार कुल 780 चिकित्सा संस्थानों हैं। इसमें मेडिकल के एमबीबीएस, डेंटल, नर्सिंग, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस, बीएसएमएस कोर्सेज शामिल हैं। इनमें मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग के लिए अलग-अलग काउंसलिंग होगी।

नीट यूजी रिजल्ट के आधार पर देश भर के मेडिकल कॉलेजों की लगभग 2.40 लाख सीटों पर दाखिला मिलेगा। एकेडमिक सेशन 2025-26 के लिए भारत में एमबीएसएस कोर्स के लिए कुल 1,08,000 सीटें रिजर्व हैं। इनमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (JIEPMER) और राज्य और निजी दोनों कॉलेज शामिल हैं।

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Education, Medical Education, Neet Tags:NEET

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