यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे नर्सिंग स्टाफ को अचानक हटाए.

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यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे नर्सिंग स्टाफ को अचानक हटाए जाने से दोनों जगह स्थितियां बिगड़ गई तथा मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

उल्लेखनीय है कि बग्गी खाने में संचालित यूनानी चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से करीब 28 कर्मचारी लगे हैं। मेडिकल कॉलेज में भी करीब 30 कर्मचारी लगे हुए हैं। जिन्हें 15 मार्च को एक मौखिक आदेश के तहत अचानक हटा दिया गया। 

कई प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों का कहना था कि वो 6-7 साल से यहां पर नियमित कार्य कर रहे हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ। लेकिन पहली बार अचानक उनको हटाए जाने के आदेश मौखिक रुप से दे दिए गए। 

इसके बाद उनके समक्ष रोटी-रोजी का संकट खड़ा हो गया। इस संबंध में सहायक रजिस्ट्रार महेंद्र सिंह का कहना है कि उनको मुख्यालय से सूचना मिली है, उसके आधार पर उनको हटाया गया है। 15 मार्च को ठेका खत्म होने के कारण हटाए जाने की सूचना दी गई। नया ठेका 18 मार्च से शुरू होगा। नया ठेकेदार जिसे लगाएगा उसको 18 से लगा जा सकेगा। 

अचानक नाैकरी चली गई, अब परिवार का पेट पालना सबसे बड़ी चिंता 

टोंक। यूनानी चिकित्सालय में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से लगे नर्सिंग कर्मचारियों को हटाया। 

यूनानी की स्थिति 

यूनानी चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में हालत ये हैं कि यहां पर चिकित्सक के अलावा सभी स्टाफ प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से ही कार्यरत है। उनको नियमित किए जाने की बजाए उनको हटाए जाने से कार्य ठप हो गया। इसको लेकर कई मरीजों ने भी रोष जताया। 

काम काज हुआ ठप 

कार्मिकों को हटाए जाने के कारण शनिवार को यूनानी चिकित्सालय में कई कार्य ठप हो गए तथा मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई डाक्टर (हकीम) जो मरीजों को देखने की बजाए, मरीज को दिखाने की पर्ची, एवं दवा का वितरण नजर आए। 

कपिंग नहीं हो पाई 

यूनानी चिकित्सालय में आंवा निवासी अल्लादीन जो 13 मार्च से भर्ती हैं। लेकिन यहां पर शनिवार को कपिंग सेंटर पर ताला लगा होने से उसकी कपिंग नहीं हो सकी। जो जरुरी है। इसी प्रकार अन्य मरीज भी कपिंग रुम बंद होने से परेशान है। वहीं भर्ती मरीजों की देखभाल भी स्टाफ नहीं होने से नहीं हो पा रही है। उल्लेखनीय है कि कपिंग पद्धति यूनानी चिकित्सा का अहम हिस्सा जिसपर शनिवार को ताले लगे रहे। 

यह है अन्याय 

पिछले 5-6 साल से कार्यरत कर्मचारियों को अचानक हटाया जाना अनुचित बताया जा रहा है। वहीं हालत ये हैं कि जो कार्य जिले में मेडिकल डिपार्टमेंट में स्थाई कर्मचारी भारी वेतन लेकर कर रहे हैं। 

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