आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेज में परीक्षा पद्धति मे बदलाव

नीट बुलेटिन नई दिल्ली 04 फ़रवरी  मप्र प्रदेश के आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेज में विद्यार्थियों को स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा क्रमश: तीन और चार अटेम्प्ट में उत्तीर्ण करना होगा। निर्धारित अटेम्प्ट में पास नहीं होने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज से बाहर किया जा सकता है। मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआइएम) के परीक्षा पात्रता सम्बंधी प्रावधान को लागू किया है।
इसके बावजूद कुछ कॉलेजों से निर्धारित अटैम्प्ट पूरे कर चुके छात्र-छात्राओं को अगली परीक्षा के लिए आवेदन स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते विवि की ओर से सभी आयुर्वेद एवं होम्योपैथी कॉलेजों को निर्देश जारी करते हुए प्राचार्यों पर पात्रता परीक्षण की जिम्मेदारी तय की गई है। सीसीआईएम के नियमानुसार तीन अटैम्प्ट पूरे कर चुके बीएएमएस और चार अटेम्प्ट पूरे कर चुके बीएचएमएस के विद्यार्थियों को अगला अवसर देने से रोक लगाने के लिए कहा है।
विवि ने सीसीआईएम के नियम लागू किए जाने के बाद निर्धारित अटैम्प्ट ले चुके आयुर्वेद और होम्योपैथी छात्र-छात्राओं को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए एक विशेष अवसर दिया था। एक अतिरिक्त अटैम्प्ट देकर तीन और चार बार में पास नहीं हो सके विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा कराई थी। सिर्फ एक बार के लिए दी गई इस रियायत की आड़ लेकर कुछ प्राइवेट कॉलेज इस वर्ष भी फेल विद्यार्थियों को अतिरिक्त मौका देने का प्रयास कर रहे थे।सीसीआईएम के प्रावधान के अनुसार बीएएमएस और बीएचएमएस प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए छात्र-छात्राओं को चौथा और पांचवां अटेम्प्ट नहीं मिलेगा। तय अटैम्प्ट में परीक्षा पास नहीं होने पर विद्यार्थियों को पुन: प्रथम वर्ष में प्रवेश लेना होगा।
युष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पांडे के अनुसार आयुष कॉलेजों में प्रवेश लेने के बाद भी कुछ विद्यार्थी लम्बे समय तक एमबीबीएस में प्रवेश के लिए तैयारी करते रहे हैं।

Leave a Reply

× How can i help you?