होम्योपैथी से जटिल रोगों का इलाज संभव

कसया। होम्योपैथी समरूपता के सिद्धांत पर आधारित चिकित्सा पद्धति है। होम्योपैथी औषधियां उन रोगों से मिलते-जुलते रोग दूर करती हैं, जिन्हें वह उत्पन्न कर सकती हैं। ये बातें क्षेत्रीय विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहीं। वह रविवार को होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की कसया इकाई के सातवें होम्यो साइंटिफिक सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति से जटिल से जटिल रोगों का स्थाई इलाज संभव है। विशिष्ट अतिथि मुजफ्फरपुर एमएच मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. सीपी ओझा ने कहा कि रोग के लक्षण और औषधि के लक्षण में जितनी अधिक समानता होगी, रोगी के स्वस्थ होने की संभावना भी उतनी ही अधिक रहती है। चिकित्सक का अनुभव इस पैथी में ज्यादा कारगर है।

रिपोट्री (दवाओं के क्रमबद्ध अंकन) के विभागाध्यक्ष डॉ. दयाशंकर सिंह ने कहा कि रोगी को अल्प मात्रा में औषधि देनी चाहिए, क्योंकि बीमारी में रोगी अति संवेगी होता है। डॉ. डीके सोनकर, डॉ. राजेश सिंह और डॉ. अब्दुल मजीद ने भी सेमीनार को संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एखलाख अहमद सिद्दीकी व संचालन संयोजक डॉ. एमके ओझा ने किया। डा. अवधेश कुशवाहा ने आभार ज्ञापित किया। इस दौरान डॉ. नित्यानंद श्रीवास्तव, डॉ. एके सिन्हा, डॉ. आरके राय, डॉ. ज्योति पटेल, डॉ. मदन यादव, डॉ. आरके यादव, डॉ. ध्रुव राय, डॉ. अभय सिंह, डॉ. आनंद राव, डॉ. पीएन मिश्र, डॉ. सुनील पांडेय, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. विनायक गोंड, डॉ. ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. शमशुदीन अंसारी, डॉ. विवेक, डॉ. संदीप विश्वकर्मा, डॉ. राजेश कुशवाहा, डॉ. जयसिंह कुशवाहा, डॉ. योगेश, डॉ. रुख्सत अली आदि शामिल रहे।

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